ज़िन्दगी
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ज़िन्दगी क्या है ?
ज़िन्दगी एक बीज है,
बंधनों के बीच अंकुरित,
आकांक्षाओं के बीच पल्लवित,
अंकुरण और पल्लवन के बीच,
कभी कभी मुरझा जाना।
ज़िन्दगी क्या है ?
ज़िन्दगी एक सुबह है,
आशाओं के बीच प्रस्फुटित,
अपेक्षाओं के बीच पुष्पित,
आशाओं और अपेक्षाओं बीच,
कभी कभी कुम्हला जाना।
ज़िन्दगी क्या है ?
ज़िन्दगी एक शाम है,
उम्मीदों के बीच आशान्वित,
अपनों के बीच उपेक्षित,
उम्मीदों और अपेक्षाओं के बीच,
सूरज की तरह ढल जाना।
मौलिक एवं अप्रकाशित
राजीव नयन कुमार